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Friday, 5 April 2024

पहला बच्चा होने के बाद क्या अब दिक्कत हो रही है माँ बनने में? जानिए क्या है सेकेंडरी इनफर्टिलिटी

एक बच्चे के जन्म के बाद जब दूसरी बार गर्भधारण करने में अक्षमता हो उससे सेकेंडरी इनफर्टिलिटी कहते है। सेकेंड्री इंफर्टिलिटी की घटनाएं संख्या में तेजी से बढ़ रही हैं। जबकि इंफर्टिलिटी अथवा बांझपन हर दिन चर्चा का विषय है, सेकेंड्री इंफर्टिलिटी के बारे में ज्यादा बात नहीं की जाती है, जबकि यह बांझपन का एक सामान्य रूप है। दूसरी बार गर्भधारण करने के लिए संघर्ष करने वाले जोड़ों को अक्सर बांझपन की बातचीत से बाहर रखा जाता है। जब हर्षित अरोरा  (उम्र 36 नाम बदला हुआ) एक बैंकिंग प्रोफेशनल और उनकी पत्नी सौम्या अरोरा  (उम्र 33 नाम बदला हुआ) एक गृहिणी जिनका 2018 में एक लड़के का जन्म हुआ था उन्होंने अपने परिवार को दूसरे बच्चे के साथ पूरा करने का फैसला किया, तो यह जानकर चैंक गए कि उनका अब कोई बच्चा नहीं हो सकता है क्योंकि सचिन चावला शुक्राणु की कम संख्या से जूझ रहे है जो कि गर्भ धारण करने में समस्या पैदा कर रहा है इसलिए सेकेंडरी इनफर्टिलिटी से पीड़ित है।

दोनों पति-पत्नी में सेकेंडरी इनफर्टिलिटी के कारण हो सकते हैं--

महिलाओं में

  • एक्टोपिक गर्भधारण के कारण फैलोपियन ट्यूब को नुकसान
  • पूर्व गर्भधारण के दौरान हुई परेशानियां जैसे कि सी-सेक्शन
  • रुकावट जो फाइब्रॉएड के कारण होती है
  • मातृ आयु में वृद्धि और अंडे का कम उत्पादन

पुरुषों में

  • बढ़ती उम्र, वजन बढ़ना, अत्यधिक धूम्रपान और शराब पीना
  • कुछ दवाओं का उपयोग
  • शुक्राणु उत्पादन में कमी और वितरण

यदि आप सेकेंडरी इनफर्टिलिटी के इन कारणों को नोटिस करते हैं, तो आपको तुरंत एक विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। मदरस लैप आईविऍफ़ सेंटर इसमें आपकी सहायता कर सकता  है। अधिक से अधिक लोग अब भारत में सेकेंडरी इनफर्टिलिटी की समस्या का सामना कर रहे हैं और इसलिए, सूचित किया जाना बेहतर है।

और अधिक पड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे 

Thursday, 22 September 2022

वृंदावन में खुलेगा दिल्ली का मशहूर मदर्स लैप, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर

सालों से राजधानी दिल्ली के मरीजों के लिए विश्वास का नाम बन चुका मदर्स लैप सेंटर अब अपने शहर वृंदावन  में भी खुलने जा रहा है। सुनरख इलाके में जल्द ही खुलने जा रहे मदर्स लैप, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर में तमाम आधुनिक सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी। आने वाले दिनों में इस सेंटर में नवजात बच्चों और प्रसूति विभाग की सभी आधुनिक सेवाएं आपको एक ही छत के नींचे प्राप्त हो सकेंगी। इसके साथ ही वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ और मदर्स लैप, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर की डायरेक्टर डॉक्टर शोभा गुप्ता के अनुभवी परामर्श का लाभ भी वृंदावन के मरीजों को मिल सकेगा।

मदर केयर और चाइल्ड हेल्थ

प्राप्त जानकारी के अनुसार मदर्स लैप, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर का काम शुरू किया जा चुका है। यह कुछ ही महीनों में अपनी सेवाएं देना शुरू कर देगा। मदर्स लैप, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर में स्त्री रोग से संबंधित सभी बीमारियां जैसे ओवरी सिस्ट, पेल्विक पेन, एंडोमेट्रियोसिस, यूरिनरी फाइब्रॉयड, पॉलिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम पीसीओएस, एक्ने असमान्य हेयर ग्रोथ, जेनेटल ट्रैक्ट इंफेक्शन, वजाइनल स्किन डिसॉडर, बांझपन से जुड़ी समस्यायें, सभी तरह की इंफर्टिलिटी जाचें, ओवल्यूशन इंडक्शन आदि जैसी समस्याओं का इलाज कुशल विशेषज्ञों की देख-रेख में किया जाएगा। इसके साथ ही नवजात बच्चों और प्रसूति विभाग की सभी आधुनिक सेवाएं आपको एक ही छत के नींचे प्राप्त हो सकेंगी।

बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधायें

सेंटर के बारे में बात करते हुए मदर्स लैप, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर की डायरेक्टर

Tuesday, 13 September 2022

फैलोपियन ट्यूब बंद होने के लक्षण क्या हैं, क्या इसके बाद भी मां बनना संभव है?

 

Navbharat Times
फैलोपियन ट्यूब बंद होने के लक्षण

अधिकतर मामलों में फैलोपियन ट्यूब बंद होने के शायद ही कोई लक्षण पहले नजर आते हैं। इसकी वजह से गर्भधारण करने में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा अन्य लक्षणों में पेट या श्रोणि में दर्द महसूस होना और लगातार दर्द का बने रहना। यह दर्द कभी-कभी पीरियड्स के दौरान महसूस किया जा सकता है, या यह लगातार भी हो सकता है जैसे लक्षण सामने सकते हैं। कुछ गंभीर मामलों में, फैलोपियन ट्यूब में रुकावट के कारण निषेचित अंडा फंस सकता है। अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूब गर्भवती होने को मुश्किल बना सकती है। इसके साथ ही बांझपन या गर्भवती होने में परेशानी होना पहला संकेत हो सकता है कि फैलोपियन ट्यूब अवरुद्ध हो गई है।

अच्छी बात ये है कि अगर फैलोपियन ट्यूब अवरुद्ध हो जाती है, तब भी अंडे का निषेचित होना संभव हो सकता है। यदि दोनों अवरुद्ध हैं, तो ऐसा होने की संभावना कम होती है।

क्षतिग्रस्त या अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूब का इलाज

हाइड्रोसालपिनक्स उपचार और सर्जरी

हाइड्रोसालपिनक्स का इलाज तब होता है जब फैलोपियन ट्यूब में द्रव निर्माण के कारण रुकावट होती है। डॉक्टर आमतौर पर सैल्पिंगेक्टोमी या सैल्पिंगोस्टॉमी करता है। यह प्रक्रिया अन्य

Monday, 13 June 2022

ना हो निराश मदर्स लैप है आपके साथ

मातृत्व का अहसास किसी भी हाल में जुबान से बयां नहीं किया जा सकता। मां बननें का सपना हर एक शादीशुदा महिला देखती है। व्यस्तम जीवनशैली और महिलाओं के कामकाजी होने या बांझपन के चलते भी महिलाओं के लिए संतान सुख अब परेशानियों को सबब नहीं रहा। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी आईवीएफ एक ऐसी तकनीक है जिसमें महिलाओं मंे कृतिम गर्भाधान किया जाता है।

यह तकनीक महिलओं के लिए वरदान साबित हुई है। बीते दशक में इस तकनीक के प्रयोग बेहद बढ गया है। भागदौड और तनाव भरी जिंदगी में बांझपन और किराए की कोख यानी सरोगेट मदर्स का चलन भी बढा है। बहुत से महिलाएं ओवम यानी अंडाणु न बननाए गर्भाशय का कमजोर होनाए थ्रेटंड एबरेशन और हेबिचुअल मिसकेरिज जैसे मामलों के कारण मां नही बन पातीं थी।

महिलाओं में 30 के बाद और पुरूषों में 35 वर्ष के बाद प्रजनन क्षमता कम होने लगती है। आयु बढने के साथ ही महिलाओं में डिम्ब ग्रंथियों से स्त्री बीज कम संख्या में उत्सर्जित होने लगते हैं और वे आसानी से निषेचित नहीं होते हैं। साथ ही जीन